| Chapter: 3 | अध्याय : ३ |
| Verse Number: 21 | छन्द सँख्या : २१ |
| Speaker: Kṛiṣhṇa | वक्ता: कृष्ण |
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः। स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते।।
Translation
Whatever action a great man performs, common men follow. And whatever standards he sets by exemplary acts, all the world pursues.
अनुवाद
महापुरुष जो जो आचरण करता है, सामान्य व्यक्ति उसी का अनुसरण करते हैं | वह अपने अनुसरणीय कार्यों से जो आदर्श प्रस्तुत करता है, सम्पूर्ण विश्र्व उसका अनुसरण करता है |
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